Wednesday, October 22, 2014

दीवाली - 2014










Heidelberg में आज दीवाली,
मिलकर हम मनाएंगे !
घंटो-तक हमसब मिलकर,
मस्ती के दीये जलाएंगे !!

इन दीपों का प्रकाश,
खुशियों की लहर फैलायेगा !
अंधियारा सबके मन-मंदिर का,
क्षण-भंगुर हो जायेगा !!

ठुमका, गान, बाज भी होगा,
DJ का आगाज भी होगा !
धड़कन-धड़कन थिड़केगा !
साँसों की अंगराई से,
रोम-रोम आज फिड़केगा !!

दिल से दिल का तार भी होगा !
मस्ती के इस वारिश में,
छुपी नजरों से वार भी होगा !!

उन वारों की चिंगारी,
दिल के दीये जलाएंगी !
मन-मंदिर को क्षण-भर में,
प्रकाशमान कर जाएंगी !!

आओ जलाएं, प्यार का दीप !
मानवता के सार का दीप !
खुशियाँ और सौहार्द का दीप !
निजकर्मों से पुरुषार्थ का दीप !

इन दीपों  के जगमग से,
सब भाव-विभोर हो जाएंगे !
Heidelberg  में आज दीवाली,
मिलकर हम मनाएंगे…
घंटो तक हमसब मिलकर,
मस्ती के दीये  जलाएंगे ।।