प्यार की खुमार (एक लड़की का)













फिर आया है प्यार का मौसम,
प्रियवर से दिलदार का मौसम !!
तुझसे दिल की तार हुई है,
खुशियों की बौछार हुई है !!

सुरूर तेरी चाहत का,
इस कदर छाने लगा है !
हर-पल, हर-जगह,
तू हीं नजर आने लगा है !!

वीरान थी ये जिंदगी,
तेरे आने से पहले !
तेरी साँसों का, मेरी साँसों में,
समाने से पहले !!

बन के जादू , मेरी रूह में,
समाने लगा है तू !
बेचैन करके हर लम्हा।
तड़पाने लगा है तू !!

तुझसे मिलने की हर आहट से,
अंग-अंग फड़कता है !
संग होने के एहसास से,
जेहन-व्-दिल धड़कता है !!

हर-क्षण तेरी ख्यालों में,
मैं खोयी रहती हूँ !
तेरे सपनों के साये में ही,
सोयी रहती हूँ !!

दिल की बगिया में, ये मौसम,
अजीब बहार लायी है !
कहता विशाल, ओ पगली !  तुझपे,
प्यार की खुमार छायी है !!

प्यार की खुमार छायी है !!
तुझपे प्यार की खुमार छायी है !!

Comments

Popular posts from this blog

श्रद्धांजलि- श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी

अभिलाषा

विद्यार्थी-जीवन (Specially for students in age group 15-25 years)